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बस एक सवाल

 दूर देश से एक विद्वान एक बार अकबर के दरबार में आया। वह घोषणा करता है कि वह चतुर है और कोई भी उसके प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सकता। विद्वान ने बीरबल को उसके प्रश्न का उत्तर देने और यह साबित करने की चुनौती दी कि वह सबसे चतुर है।

"क्या आप सौ आसान प्रश्नों का उत्तर देना पसंद करेंगे या केवल एक कठिन प्रश्न का?" विद्वान् ने गर्वपूर्ण स्वर में पूछा।

अकबर समझ गये कि विद्वान बीरबल को नीचा दिखाना चाहता है।

लेकिन बीरबल ने आत्मविश्वास से उत्तर दिया, "मुझसे केवल एक कठिन प्रश्न पूछो।"

"ठीक है। मुझे बताओ पहले क्या आया, मुर्गी या अंडा?”, विद्वान ने गरजती आवाज में पूछा।

“मुर्गी,” बीरबल उत्तर देता है।

"आपको कैसे मालूम?" विद्वान मज़ाकिया ढंग से पूछता है।

जवाब में बीरबल कहते हैं, ''हम इस बात पर सहमत थे कि आप केवल एक ही सवाल पूछेंगे, जो आप पहले ही पूछ चुके हैं।''

तो इस तरह बीरबल की हाजिर जवाबी पर अकबर मुस्कुरा पड़ । 

अकबर- बीरबल कहानी : राज्य के कौवे


एक दिन अकबर और बीरबल शाही बगीचे में टहल रहे थे तभी अकबर को पेड़ पर कौवों का एक समूह दिखाई दिया।

राजा बोले, "आश्चर्य है कि राज्य में कितने कौवे हैं, बीरबल?”


"हमारे राज्य में पंचानवे हजार, चार सौ तिरसठ कौवे हैं, श्रीमान।"


अकबर ने आश्चर्य से बीरबल की ओर देखा। "आप यह कैसे जानते हैं?"


“मुझे पूरा यकीन है महामहिम। आप कौवों की गिनती करवा सकते हैं,” बीरबल आत्मविश्वास से बोले।


"क्या होगा यदि कौवे कम हों?" अकबर ने संदेहपूर्वक पूछा।


जहाँपनही, इसका मतलब है कि कौवे पड़ोसी राज्यों में अपने रिश्तेदारों से मिलने गए हैं।


“हम्म… लेकिन बीरबल, अगर आपकी बताई संख्या से ज्यादा कौवे हो गए तो क्या होगा?”


"ठीक है, उस मामले में, दूसरे राज्यों से कौवे हमारे राज्य में अपने रिश्तेदारों से मिलने आए हैं।"

बीरबल के जवाब से अकबर मुस्कुरा उठे।

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